Barcode kya hai aur kaise kam karta hai?

नमस्कार दोस्तों, Hindigyan4tech india में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है. आज की इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले हैं कि Barcode क्या होता है और यह काम कैसे करता है। जब भी आप कोई सामान खरीदते हैं तो उसके पीछे black and white कलर में एक बार कोड दिया रहता है। पर क्या आप इसके बारे में जानते हैं, अगर नहीं तो आज की इस पोस्ट को पूरा अंत तक जरुर पढ़ें, क्योंकि हम आपको इस पोस्ट में BARCODE क्या होता है और यह काम कैसे करता है इसके बारे में हिंदी में पूरी डिटेल के साथ में बताएंगे।

Barcode kya hai aur kaise kam karta hai.
Barcode kya hai ?

 

Barcode kya hai?

Simple भाषा में Barcod white पट्टी पर Black parallel line का वह समूह है, जो हर एक particular वस्तु का अलग अलग numerical code को दर्शाता है, जिसे Scan करने के लिए एक खास प्रकार का Scanner device का उपयोग किया जाता है। जेसे Computer पर इस scanner divice यानि barcode Scanner की मदद से स्कैन किया जाता है। इस barcode की मदद से कंपनी को अपने किसी खास प्रोडक्ट के price & data stocks track करने में मदद मिलता है। यह Code सभी वस्तुओं का अलग अलग होता है।

Barcode किस ने और कब बनाया था?

Barcode को किसी खास एक व्यक्ति ने नहीं बनाया है, इसे बनाने में एक कंपनी का हाथ है, जिसका नाम Global Standard One ( GS1 ) है। इस पर काम तो बहुत पहले से चल रहा था, लेकिन Barcode को 1973 में US Industry Leaders ने प्रोडक्ट्स पहचानने के लिए एक Standard identification के रूप में Agree कर दिया था। 
लेकिन Barcode का पहला उपयोग 26 अप्रैल 1974 में Chewing Gum packet के बार कोड को एक सुपरमार्केट में स्कैन किया गया था।
1983 से Wholesale Multiple Packets के लिए इसका उपयोग किया जाने लगा था।
1990 तक बारकोड का प्रचलन दुनिया के 45 देशों में शुरू हो चुका था।
अधिक जानकरी के लिए इसे पढ़ें :- Global Standard One

Barcode की कुछ रोचक बातें।

क्या आपको मालूम है की Barcode के इन black Lines में कितने लाइन होते हैं. किसी भी वस्तु के Normal Barcode में कुल मिलाकर 95 लाइंस होते हैं. जिसमें से 11 line मिलकर इस बार कोड को divide करते हैं, 4 लाइन सबसे शुरू में, 3 लाइन मिडल में और 4 लाइन सबसे आखरी में होते हैं। मिडल के 3 लाइन के right side में कूल 42 लाइन होते हैं, और left side में भी 42 लाइन होते हैं। 7 lines मिलकर 1 अंक को बनाते हैं और इसी तरह इन 84 लाइन से मिलकर 12 अंक बनती हैं। जिसे bARCODE SCANNER Scan करके किसी प्रोडक्ट की पहचान करता है।

बीच वाली 3 line के right side में और left side में एक ही अंक को अलग-अलग तरह से लिखा जाता है। यानि अगर 0 को right side में जिस तरह से लिखा जाता है, वही 0 को left side के दूसरे तरह से लिखा जाता है। इसे कुछ इस तरह से coding कर के बनाया जाता है की, Barcode Scanner से किसी Products को सीधा या उलटा पकड़ कर भी सही से scan किया सा सके।

Barcode कैसे बनता है?

किसी product का Barcode बनाने के लिए सबसे पहले कुछ अंक उस Country के special अंक होते हैं। GS1 ने सभी Country के लिए अलग अलग कोड दे रखा है, जैसे इंडिया के लिए 890 दिया गया है। इसी तरह सभी Country के लिए अलग अलग कोड दिए गए हैं। तो सबसे पहले Barcode में Country code दिया जाता है, उसके बाद उस Company का कोड और पीछे में कोई भी random unique word जोड़ दिया जाता है।

कुछ इस तरह से GS1 सभी product के अलग अलग बारकोड बना कर देती है। जिसके बदले GS1 company से पैसे लेती है।
अगर आप जानना चाहते हैं की कौन सा Barcode किस Company के लिए Alot किया गया है तो निचे दिए गये लिंक को Open करके इसके बारे में पता कर सकते हैं।
Website :- Barcode checker
I Hope आपको Barcode के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी, अगर हाँ तो आज की इस पोस्ट को अपने Social Media पर अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

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About the Author: Tarun Kumar

Namaskar dosto, Main Tarun Kumar Hindigyan4tech ka CEO and Founder hun. Mujhe Tech se related kisi bhi chij ke bare me detail me jankari logo tak pahuchana achha lagta hai. Agar aapko mere dwara likhe gaye post achhe lagte hain to esi tarah se hamara Sahyog karte rahe taki ham aapke liye aur bhi nayi jankari aap logo tak pahucha saku.

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